
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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रक्त संबंधों में गिफ्ट डीड के नाम पर 1600 लोगों ने खेल कर दिया। एक ही प्रापर्टी की कई-कई बार गिफ्ट डीड कर स्टाम्प चोरी की गई। ऐसे सभी मामले आयकर विभाग को जांच के लिए भेज दिया गया है। इस खेल पर रोक लगाने के लिए ”एक प्रापर्टी-एक गिफ्ट डीड” के प्रस्ताव पर विचार शुरू हो गया है।
हालांकि गिफ्ट डीड के छह महीने के ट्रायल पीरियड में अप्रत्याशित परिणाम आए हैं। इसके जरिए तीन गुना से ज्यादा राजस्व बढ़ गया है। प्रापर्टी को लेकर बढ़ते पारिवारिक विवाद रोकने के लिए सरकार इस दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है।
संपत्ति से जुड़े विवाद की वजह से हजारों संपत्तियों का उपयोग नहीं हो पा रहा था। परिवारों में सौहार्द पूर्ण माहौल के लिए पिछले साल मार्च में गिफ्ट डीड को छह महीने के लिए ट्रायल के तौर पर लागू किया गया था। इसके तहत रक्त संबंधों में प्रापर्टी ट्रांसफर करने की फीस केवल पांच हजार रुपये तय कर दी गई।
इसे लागू करते वक्त ये माना गया कि ट्रायल पीरियड में लगभग 350 करोड़ रुपये का नुकसान सरकार को होगा। लेकिन, सरकार के इस फैसले के अप्रत्याशित परिणाम आए। ट्रायल पीरियड में 1140 करोड़ रुपये का राजस्व आ गया। 2.58 लाख परिवारों ने गिफ्ट डीड का लाभ उठाया। अब इसे स्थायी रूप से लाने पर विचार हो रहा है।
