कानपुर में सात साल पहले भी शहर का एक किडनी कांड चर्चा में रहा। एक महिला द्वारा बर्रा थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर पुलिस ने विवेचना की तो कई बड़े खुलासे हुए। पुलिस ने तो 10 महीने में विवेचना पूरी कर 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेज दी थी, लेकिन न्यायिक व्यवस्था की कछुआ चाल कि गंभीर मामले में सात साल से अदालत में सिर्फ तारीख ही लग रही हैं।
मुकदमे की सुनवाई शुरू होना, तो दूर अब तक कोर्ट में आरोपियों पर आरोप तक तय नहीं हो सके। किडनी कांड शहर के लिए नया नहीं है। आठ साल पहले भी फरवरी 2019 में शहर में किडनी कांड चर्चा में आया था। एक इलेक्ट्रीशियन की पत्नी ने बर्रा थाने में जबरन किडनी देने का दबाव बनाने वाले कुछ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
