
vijay mishra mla
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सूबे के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर 2010 में हुए हमले में भी पूर्व विधायक विजय मिश्रा मुख्य आरोपी है। यह मामला अदालत के विचाराधीन है। विजय मिश्रा के खिलाफ 1982 में पहला मुकदमा प्रयागराज के हंडिया थाने में दर्ज हुआ था। अब मुकदमो की संख्या 83 हो गई है। 21 मुकदमे अदालत के विचाराधीन हैं।
हंडिया थाना क्षेत्र के खपटिहा निवासी विजय मिश्रा जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र स्थित कौलापुर गांव में रहता था। रिश्तेदार की संपति हड़पने के मुकदमे में 2020 तक यहीं पर रहा। हालांकि गिरफ्तारी के बाद से ही कुनबा प्रयागराज में रहने लगा। उसके खिलाफ वर्ष 1982 में हत्या के प्रयास का पहला मुकदमा हंडिया थाने में लिखा गया था।
फिर एक के बाद एक मुकदमे होते चले गए। बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे नंद गोपाल नंदी के ऊपर हुए हमले में भी विजय मिश्रा का नाम सामने आया था। इस मामले में विजय मुख्य आरोपी है।
पहले नैनी, चित्रकूट और बाद में आगरा जेल
रिश्तेदार की संपति हड़पने के मुकदमे में 14 अगस्त 2020 को पुलिस ने मध्य प्रदेश से पूर्व विधायक विजय मिश्रा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे नैनी जेल में रखा गया। जहां उसका सिक्का चला तो हटाकर चित्रकूट जेल में भेजा गया। वहां भी रूतबा कम नहीं हुआ। अब आगरा जेल भेजा गया है।
