
सांकेतिक तस्वीर
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एक जुलाई से भारतीय मानक ब्यूरो की मुहर अनिवार्य होने के बाद घटिया क्वालिटी के जूते-चप्पल बाजार में नहीं बिक पाएंगे। इस फैसले से सस्ते चीनी फुटवियर का 2500 करोड़ का बाजार खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश की फुटवियर इंडस्ट्री को जबर्दस्त फायदा होगा।
चर्म निर्यात परिषद का अनुमान है कि बीआईएस मुहर से उच्च गुणवत्ता के कारण भले ही फुटवियर के दाम कुछ बढ़ जाएं, लेकिन कम से कम 3500 करोड़ रुपये के आर्डर बढ़ेंगे।
नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के अनुसार, फुटवियर कारोबारियों को अपना सिस्टम बदलना होगा। इसमें टेस्टिंग लैब, बीआईएस लाइसेंस और आईएसआई लोगो के नियमों का पालन शामिल है। बीआईएस देश भर में अपने फंड से टेस्टिंग लैब की स्थापना करेगा।
एक महीने में ही 300 करोड़ के ज्यादा आर्डर
पिछले साल यूपी से फुटवियर का 4571 करोड़ का निर्यात हुआ था। घरेलू बाजार में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के फुटवियर बिके। इस बार एक महीने में ही 1400 करोड़ की तुलना में 1700 करोड़ के आर्डर आ चुके हैं। यानी पिछले साल की तुलना में 300 करोड़ से ज्यादा के आर्डर मिल चुके हैं। इस फैसले से कम से कम 20 फीसदी की ग्रोथ यूपी को मिलेगी।
