परिजनों ने बताया कि खमान सिंह के दो मकान बने हैं। एक मकान गांव में है, जबकि दूसरा खेत पर है। सोमवार रात को खेत वाले मकान पर छोटे बेटों के साथ खमान सिंह और संजू देवी माैजूद थे। बेटी ताऊ के घर में थी। मंगलवार तड़के पांच बजे खमान सिंह ने बेटे रितिक को फोन किया। कहा कि संजू से झगड़ा हो गया था। उसने मुझे मारा तो मैंने रोज-रोज का किस्सा खत्म कर दिया।
पिता की बात सुनकर बेटा घबरा गया। उसने तुरंत अपने चचेरे भाई को फोन किया। चचेरा भाई घर पहुंचा मगर दरवाजा अंदर से बंद था। उसने खिड़की से झांककर देखा तो तख्त पर संजू देवी पड़ी थीं और सिर से खून निकल रहा था। चचेरे भाई ने परिजन को जानकारी दी। इसके बाद गांव के चाैकीदार को बुलाया। सुबह करीब साढ़े सात बजे चाैकीदार ने पुलिस को जानकारी दी।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंच गई। खमान सिंह भी घायल हालत में मिला। घर के अंदर संजू देवी का शव पड़ा था। चादर खून से सनी हुई थी। गोली का भी निशान था। पास ही पंपसेट का हैंडल भी पड़ा हुआ था। वहीं खमान सिंह के भी माथे पर हल्की चोट का निशान था।
उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि घर में बदमाश घुस आए थे। वह लूटपाट करने लगे। पत्नी ने विरोध किया। इस पर उसकी हत्या कर दी। लूटपाट करके फरार हो गए हैं। उसकी बातों शक हो गया। इस पर अन्य परिजन से बात की। बाद में बेटा रितिक भी पहुंच गया। उसने पिता द्वारा हत्या किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने खमान सिंह को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने जुर्म स्वीकार कर लिया। अभी तहरीर नहीं मिली है।




