देश में पहली बार किसी एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रेत शिल्प (सैंड आर्ट) से किया जाएगा। ये पहल गंगा एक्सप्रेसवे से की जा रही है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने 5000 वर्गफुट सैंड आर्ट स्थापना के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और कलाकारों से आवेदन मांगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ फरवरी या मार्च 2026 में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर थीम आधारित सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन तैयार किया जाएगा। समारोह में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और एक्सप्रेसवे से जुड़े जनपदों की विशेषताओं को रेत पर उकेरा जाएगा।

रेत शिल्प स्थापना में उत्तर प्रदेश के प्राकृतिक परिदृश्य, गंगा की धारा, एक्सप्रेसवे संरचना और मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागराज की सांस्कृतिक झलक दिखाई जाएगी।

ऐसे होगा एजेंसी का चयन

चयनित एजेंसी को सैंड आर्ट के लिए रेत, संरचनात्मक आधार, गैलरी, सजावट, कार्पेटिंग और कार्यक्रम अवधि तक रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। नुकसान होने पर तत्काल मरम्मत करनी होगी। टेंडर प्रक्रिया के तकनीकी मूल्यांकन में एजेंसी का अनुभव, वार्षिक टर्नओवर और प्रस्तुतीकरण आधार होगा। न्यूनतम 70 अंक पाने वाली एजेंसी की बोली खोली जाएगी। चयन गुणवत्ता व लागत आधारित होगा।

एक नजर में गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के मेरठ (एनएच-334) से प्रयागराज (एनएच-2, प्रयागराज बाईपास) तक 594 किमी लंबी छह लेन (आठ लेन तक विस्तार योग्य) वाली ग्रीनफील्ड परियोजना है। शिलान्यास 18 दिसंबर 2021 को हुआ। एक्सप्रेसवे 12 जिलों से गुजरता है। मेरठ से प्रयागराज पहुंचने में 4 घंटे कम लगेंगे।



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