पूर्व मंत्री महेंद्र अरिदमन सिंह पर नगर पंचायत के गृहकर रजिस्टर में काट-छांट कर अपना नाम चढ़वाने के आरोप लग रहे हैं। डीएम अरविंद बंगारी ने पूर्व मंत्री पर लगे आरोपों की जांच के लिए एडीएम वित्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। कमेटी को 15 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपनी होगी।
पिनाहट स्थित मोहल्ला खिड़किया निवासी प्रभाकर गुप्ता ने 18 नवंबर को जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाए कि नगर पंचायत पिनाहट में वर्ष 2014-15 में ग्रह कर रजिस्टर में फर्जीवाड़ा हुआ। रजिस्टर में काट-छांट, ओवरइटिंग और फ्लूड लगाकर कूटरचना की गई। रजिस्टर में 1988 से 2014 तक पूर्व मंत्री महेंद्र अरिदमन सिंह का नाम नहीं था।
लेकिन 2014-15 में नगर पंचायत के बाबू व अन्य कर्मियों से मिलीभगत कर अपना नाम ग्रह कर रजिस्टर में दर्ज करा लिया। जबकि इस संबंध में जिला स्तर या किसी अन्य स्तर से कोई अनुमति नहीं ली गई। ग्रह कर रजिस्टर भी प्रमाणित नहीं हुआ। फर्जीवाड़े में शामिल बाबू व अन्य के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। डीएम अरविद बंगारी का कहना है कि जांच कमेटी गठित की गई है। 15 दिन में कमेटी को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
