घर में बने राशन के गोदाम में खेलते समय गिरे गेहूं के बोरों के नीचे दबकर पांच साल के मासूम सार्थक की मौत हो गई। दो घंटे तक नजर नहीं आने पर परिजन गोदाम में पहुंचे तो उन्हें बच्चे के दबे होने की जानकारी मिली। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से घर में कोहराम मच गया।
नगर के मोहल्ला सुभाष नगर में राशन विक्रेता गंगादान उपाध्याय अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने घर के एक हिस्से में राशन का सामान रखने के लिए गोदाम बना रखा है। उनके बड़े बेटे विनीत उपाध्याय का पांच साल का पुत्र सार्थक है। वह सरस्वती शिशु मंदिर में नर्सरी का छात्र था। बुधवार की देर शाम घर पर ही खेल रहा था।
खेलते-खेलते वह राशन के गोदाम के भीतर चला गया। वह गेहूं के बोरे पर चढ़ने का प्रयास करने लगा। इस दौरान गेहूं के बोरे उसके ऊपर गिर गए। मासूम बालक उन बोरों के नीचे दब गया। स्वयं को बचाने की मासूम की चीख गोदाम के भीतर ही दब कर रह गई। करीब दो घंटे तक सार्थक के दिखाई नहीं देने पर परिजनों की उसकी तलाश की।
तलाशी के दौरान परिजनों को गेहूं के बाेरों के नीचे मासूम की चप्पल दिखाई दी। गेहूं के बोरे हटा कर देखा तो सार्थक उनके नीचे दबा पड़ा था। परिजन तत्काल उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। उसने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन मासूम को अमरोहा ले गए। वहां भी चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक द्वारा मृत घोषित करने पर मां बेसुध होकर गिर गई। परिजन एक दूसरे से लिपट कर रोने लगे।
