
UP: चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज में फावड़ा और गोताखोर बतखों की दस्तक
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उत्तर प्रदेश के आगरा में चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज में अब शॉवलर और रेड क्रेस्टेड पोचार्ड ने दस्तक दी है। अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका से आए प्रवासियों की जल क्रीड़ा पर्यटकों को रोमांचित कर देती है। दोनों ही शिकार पकड़ने के बाद पानी को चीरते हुए उड़ान भरते हैं। शॉवलर पानी में अपनी चोंच को छलनी की तरह पटक कर शिकार पकड़ते हैं तो रेड क्रेस्टेड पोचार्ड पानी में चोंच डुबोकर शिकार पकड़ते हैं।
इंद्रधनुषी रंग वाली बतखों को देखकर सैलानी आश्चर्यचकित हो उठते हैं। बाह के रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि शॉवलर का वैज्ञानिक नाम स्पैटुला क्लाइपीटा और स्थानीय नाम फावड़ा बतख है। जबकि रेड क्रेस्टेड पोचार्ड का वैज्ञानिक नाम नेट्टा रूफिना और स्थानीय नाम गोताखोर बतख है। इससे पहले इंडियन स्कीमर, रुडी शेलडक, ग्रेलैग गूज, यूरेशियन कर्लेव, बार हेडेड गूज, पेंटेड स्टॉर्क, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क, व्हाइट नेक्ड स्टॉर्क, ओपनबिल स्टॉर्क, सीगल, ब्लैक हेडेड गल सेंक्चुअरी में आ चुके हैं।
शॉवलर- लंबाई 50 सेमी, वजन 600 ग्राम, पंख फैलाव 76 सेमी। छोटे जलीय जीव और मछलियां इनका भोजन हैं। नर शॉवलर के लाल भूरे रंग के फ्लैक्स, सफेद छाती और भूरे रंग की पीठ होती है। गहरा हरा सिर, लंबी काली चोंच और आंख पीली होती है। मादा शॉवलर का सिर और शरीर भूरा होता है। छोटी नीली गर्दन होती है। लंबी बड़ी नारंगी चोंच और नारंगी पैर होते हैं।
रेड क्रेस्टेड पोचार्ड- रेड क्रेस्टेड पोचार्ड का सिर नारंगी-भूरे रंग का, चोंच लाल रंग की होती है। पोचार्ड की लंबाई 50 से 60 सेमी, वजन 900 से 1500 ग्राम, पंख फैलाव 85-90 सेमी होता है। जलीय पौधे, जड़ें, अंकुर बीज और अनाज इनका भोजन हैं।
