चांदी पर भी मिलावट का साया है। पायलों की चमक काली पड़ रही है। कीमतों में आए उछाल के बाद केवल निवेश के समीकरण नहीं बदले, बल्कि शुद्धता के भरोसे पर भी गहरी चोट लगी है। इस उछाल के साथ ही मिलावट और धोखाधड़ी का खेल भी तेज हो गया है। आलम यह है कि बड़े सर्राफा कारोबारी अब छोटे घरेलू कारीगरों को माल देने से कतरा रहे हैं जिससे बाजार में विश्वास का संकट खड़ा हो रहा है।

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