योगी आदित्यनाथ रविवार को अपने चार दिवसीय विदेश दौरे पर रवाना हो गए। उनके साथ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी, सीएम के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद, सचिव अ्मित सिंह समेत कुल 18 लोगों की टीम भी गई है। सीएम के नेतृत्व में गई टीम 22 से 24 फरवरी तक सिंगापुर की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच आर्थिक सहयोग, संस्थागत साझेदारी और क्षेत्र-विशेष निवेश को नई गति देना है। यह यात्रा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के अनुरूप मानी जा रही है, जिसमें आर्थिक सहयोग, डिजिटलीकरण, कौशल विकास, सतत विकास और उन्नत विनिर्माण को प्राथमिकता दी गई है।

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सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सिंगापुर से भारत को 14.94 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह दौरा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। प्रस्तावित बैठकों में सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगारत्नम, प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और मानव संसाधन मंत्री टैन सी लेंग शामिल हैं। इन बैठकों में राष्ट्रीय स्तर पर तय सहयोग ढांचे को उत्तर प्रदेश में ठोस परियोजनाओं में बदलने पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री प्रमुख संप्रभु और संस्थागत निवेशकों से भी संवाद करेंगे। इनमें Temasek Holdings और GIC जैसे वैश्विक निवेशक शामिल हैं।



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