साइबर ठगी की रकम से शहर के पांच सराफा कारोबारियों से 5.47 लाख रुपये के जेवरात खरीदकर ऑनलाइन भुगतान करने वाले दो साइबर अभियुक्तों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह साइबर ठग वृंदावन के मंदिरों की भीड़ से दर्शनार्थियों के मोबाइल चोरी करके सिम बदलकर ठगी कर रहे थे। जेवरात खरीदने के लिए फर्जी आधार कार्ड लगाते थे।

एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि 28 व 29 दिसंबर को शहर के सराफा कारोबारियों पंकज अग्रवाल, योगेंद्र अग्रवाल, अनुज गोयल, मुरारीलाल अग्रवाल और बृजेश अग्रवाल की होली गेट इलाके में ज्वैलरी की दुकानें हैं। उनके पास हरियाणा के जवाहर नगर निवासी जनार्दन गुप्ता ने 1.47 लाख रुपये के सोने के सिक्के खरीदे। इसी तरह तीन अन्य सराफों से चार लाख रुपये के जेवरात खरीदे। इन आभूषणों की खरीद के लिए ऑनलाइन भुगतान किया। कुछ दिन बाद ज्वैलर्स के खाते सीज हो गए।

बैंक में पहुंचे तो मैनेजर ने बताया कि हरियाणा व दिल्ली की पुलिस की शिकायत पर इन खातों को सीज किया गया है, क्योंकि इन खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है। जनार्दन का आधार भी फर्जी लगाया गया था। एसएसपी के निर्देश पर साइबर सेल, कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगों की तलाश की। रविवार को पुलिस ने लुधियाना की श्याम नगर कॉलोनी और सराय गंधू के लविश कुमार और मनी सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन मोबाइल और फर्जी आधार भी मिला है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी की विभिन्न धाराओं के साथ ही धोखाधड़ी की धाराओं को भी बढ़ाया गया है। दोनों साइबर ठगों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।

मंदिरों से चोरी करते थे दर्शनार्थियों के मोबाइल

पुलिस ने बताया कि साइबर ठगों का संगठित गिरोह है। यह दोनों अभियुक्त 24 दिसंबर 2025 को वृंदावन में आए थे। यहां प्रेम मंदिर, बांकेबिहारी मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ का फायदा उठाकर उनके मोबाइल चोरी करते थे। इसके बाद उनके सिम निकालकर दूसरे फोन में सिम डालकर ओटीपी मंगाकर फोन पे और गूगल पे को एक्टिवेट कर दिया करते थे और इन खातों की रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग करते थे। आरोपी ज्यादातर सोना और चांदी के जेवरात खरीदते थे, ताकि मोटी रकम का ट्रांजेक्शन हो सके। आरोपियों से उनके गिरोह के अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की गई।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *