कार्यक्रम का आयोजन युवा फाउंडेशन की ओर से दर्शाया गया था। इसमें ब्राह्मण समाज के ही लोगों ने शिरकत की थी। हालांकि, इन सभी मामलों से डीएम अविनाश सिंह बेखबर रहे। इस ग्रुप पर जुड़े लोग विभिन्न तरह से अपनी-अपनी मंशा के अनुसार टिप्पणी भी कर रहे हैं।
पुनरुत्थान बरेली परिवार के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पर जुड़े लोग बताते हैं कि 13 जनवरी को यूजीसी का नया बिल आने और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों के साथ हुए दुर्व्यवहार से सिटी मजिस्ट्रेट काफी आहत थे। उन्होंने शासकीय पद से इस्तीफा देने का मन कई दिनों पहले ही बना लिया था।
अपने करीबियों से चर्चा के बाद वह गणतंत्र दिवस के दिन इस्तीफा देने की ठाने थे। उसी क्रम में अलंकार अग्निहोत्री अन्य दिनों की तरह ही सोमवार सुबह तैयार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। झंडा फहराने के कार्यक्रम के बाद वह कलक्ट्रेट परिसर में डीएम और चारों एडीएम के साथ बैठकर सामान्य चर्चा में भी शामिल हुए। इस बीच में उनके मन में इस्तीफा देने की बात उबाल मार रही थी।
ऑफिस जाकर बोर्ड पर लिखा रिजाइन
सिटी मजिस्ट्रेट के निकटवर्ती बताते हैं कि सोमवार को झंडा फहराने के बाद दोपहर लगभग डेढ़ बजे वह सीधे अपने ऑफिस पहुंचे। बोर्ड पर अंकित अपने नाम के उन्होंने रिजाइन लिख दिया और किसी साथी से तस्वीरें खिंचवाईं।




