आगरा के बासौनी थाना क्षेत्र के उमरैठा गांव में कांग्रेस नेता और उनके भाई पर हुए जानलेवा हमले के मामले में मुख्य आरोपी सतानंद उर्फ बबलू ने पुलिस को जमकर छकाया। वारदात में प्रयुक्त पिस्टल की बरामदगी के लिए पुलिस को कोर्ट से 8 घंटे की रिमांड मिली थी, लेकिन शातिर आरोपी ने चंबल के बीहड़ों में पुलिस को गोल-गोल घुमाकर समय काट दिया और पिस्टल बरामद नहीं हो सकी।

विगत 28 अक्टूबर की रात उमरैठा गांव में एक शादी समारोह से लौटते समय कांग्रेस नेता उमाशंकर उपाध्याय और उनके बड़े भाई शिवशंकर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। इस हमले में उमाशंकर के कंधे और शिवशंकर के जबड़े व पेट में गोलियां लगी थीं। हमले का कारण जमीन की प्राथमिकी में की जा रही पैरवी को बताया गया था। प्रभारी निरीक्षक बासौनी ने बताया कि पिस्टल की बरामदगी के लिए अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी मदद का सहारा लिया जा रहा है। आरोपी को वापस जेल भेज दिया गया है।

कुर्की के नोटिस पर किया था कोर्ट में सरेंडर

आरोपी सतानंद उर्फ बबलू ने कुर्की का नोटिस चस्पा होने के बाद कोर्ट में सरेंडर किया था। बासौनी पुलिस ने पिस्टल बरामदगी के लिए उसे रिमांड पर लिया। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस उसे चंबल के बीहड़ों और संभावित ठिकानों पर लेकर गई, लेकिन आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदलता रहा और पुलिस को गुमराह करता रहा। अंततः रिमांड की अवधि समाप्त हो गई और पुलिस खाली हाथ लौट आई।

अब तक की गिरफ्तारियां

इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस अब तक कई आरोपियों को जेल भेज चुकी है। 10 नवंबर को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने रामलखन उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया। 28 नवंबर को 25-25 हजार के इनामी रामप्रीत और विनोद गुर्जर को मुठभेड़ में दबोचा। 16 जनवरी को रामयश उर्फ करू को गिरफ्तार किया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *