तीन साल पहले आठ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में एक शख्स को दोषी करार दिया गया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनमोहन सिंह ने अभियुक्त को आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवनकाल) की सजा सुनाई। अभियुक्त पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी किया। जुर्माना न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जुर्माने की पूरी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश दिए।
कासिमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 23 मई 2022 की रात उसकी बेटी (8) उसके साथ सो रही थी। इस बीच गांव का ही नन्हें उसके घर में आ गया था। बच्ची को उठाकर अपने साथ गांव के बाहर तालाब के पास ले गया था। वहीं बच्ची के साथ मारपीटकर दुष्कर्म किया था। बच्ची ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिजनों को दी थी।
पुलिस ने प्राथमिक दर्ज कर मेडिकल परीक्षण कराकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले की विवेचना कर नन्हे के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने निर्दोष बताते हुए रिहा किए जाने का तर्क दिया। विशेष लोक अभियोजक ने अधिक से अधिक सजा दिए जाने का तर्क दिया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूत के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।