आगरा स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप पर कार्रवाई करने के सीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं। उनसे अपने क्षेत्र में छापा मारने के लिए कहा गया है। झोलाछाप और अवैध अस्पतालों में मरीजों की मौत, गलत ऑपरेशन समेत अन्य खामियाें को देखते हुए विभाग सख्त हुआ है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 18 सीएचसी और 48 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सीएचसी प्रभारियों को अपने क्षेत्र में झोलाछाप और अवैध अस्पतालों को चिह्नित कर रिपोर्ट बनाने को कहा है। चिकित्सकीय डिग्री, लाइसेंस समेत अन्य मानकों की जांच की जाएगी। बिना डिग्री और लाइसेंस के इलाज करते पाए जाने पर अस्पताल बंद कराते हुए केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
झोलाछाप ने शिशु की काट दी आंत
कटरा वजीर खां निवासी नीतेश की पत्नी रानी का 23 नवंबर को निजी अस्पताल में प्रसव हुआ था। शिशु की नाभि लाल होने पर झोलाछाप को दिखाया। उसने चीरा लगाकर दवा दे दी। चीरा का कट गहराई तक लगने से आंत भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे कुछ देर में ही आंत निकल आई। इससे परिजन घबरा गए। दिल्ली गेट स्थित निजी अस्पताल में दिखाया। वहां चिकित्सकों ने आंत को जोड़ते हुए कृत्रिम मलद्वार बनाया। सर्जरी के बाद शिशु की हालत में सुधार हुआ। इसके अलावा बाह में भी झोलाछाप के अस्पताल में प्रसूता की मौत हुई थी।