अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक 13 अप्रैल को जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकालेंगे। इसके माध्यम से आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग करेंगे। इसके लिए कई शिक्षक संगठनों ने मिलकर महासंघ बनाया है।

महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक सुशील कुमार पाण्डेय व अटेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर नई शर्तें थोपना न्यायोचित नहीं है। टीईटी की अनिवार्यता समाप्त होनी चाहिए। मुख्य विधिक प्रभारी संस्थापक टीएससीटी विवेकानन्द ने कहा हम सब मशाल से लेकर न्यायालय तक लड़ाई जारी रखेंगे।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी व विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि कल का दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण है। हम सब मशाल जलाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे। जिससे टेट की अनिवार्यता को समाप्त किया जा सके।

अंतर्जनपदीय शिक्षक बेसिक एसोसिएशन के कमलेश पांडेय, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अपूर्व दीक्षित, एससीएसटी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश विद्रोही, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक बेसिक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह, बेसिक शिक्षक एसोसिएशन डा. महेंद्र यादव, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा, भारतीय किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र सिंह, यूटा की राष्ट्रीय संयोजक बंदना सिंह चौहान, महिला शिक्षक मोर्चा की शालिनी मिश्रा, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के ओपी त्रिपाठी आदि ने आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।



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