ट्रेन में यात्रा के दौरान एक रेल यात्री के 54 हजार से अधिक रुपए की धनराशि गिर गई। ट्रेन में चल रहे टीटीई को जब यह धनराशि मिली तो उसने ईमानदारी का परिचय देते हुए रेल यात्री को ढूंढते हुए उसे वापस कर दिया। रेलअधिकारी ने रेलकर्मी की इस ईमानदारी की सराहना की है।
इस्लामपुर- से नई दिल्ली जा रही मगध एक्सप्रेस में दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से टूंडला स्टेशन के बीच ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक यशवंत कुमार मीना कोच संख्या ए-1 में टिकट जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कोच में 54,300 की धनराशि लावारिस हालत में पड़ी हुई मिली। उन्होंने तुरंत आसपास के यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में कोई भी सामने नहीं आया।
ईमानदारी का परिचय देते हुए उन्होंने रुपयों को सुरक्षित रखा और ड्यूटी पर तैनात जीआरपी कर्मी नुमान खान को सूचित किया। गहन पूछताछ और सत्यापन के बाद, धनराशि के वास्तविक रेलयात्री राजेंद्र सिंह यादव की पहचान हुई और पूरी राशि ससम्मान उन्हें सौंप दी।
इस सराहनीय कार्य पर मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल ने कहा कि ऐसी घटनाएं भारतीय रेल की छवि को सुदृढ़ करती हैं और यात्रियों में सुरक्षा का भाव जगाती है। वहीं, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (कोचिंग) हरिमोहन ने भी सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया।
