नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में राजधानी के परिषदीय विद्यालयों की कक्षाओं का रंग-रूप बदला हुआ नजर आएगा। एक अप्रैल को जब बच्चे स्कूल पहुंचेंगे तो उन्हें पारंपरिक ब्लैकबोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड और स्मार्ट क्लास का नया माहौल मिलेगा। शहर के करीब 500 सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लास का संचालन शुरू किया जा रहा है।

इसके लिए 900 शिक्षकों को विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण के अब तक चार चरण पूरे हो चुके हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 350 विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से और 150 विद्यालयों में निजी संस्थाओं के सहयोग से लगाए गए हैं। हालांकि पिछले सत्र में भी स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से पढ़ाई की शुरुआत हुई थी, लेकिन कई शिक्षक खुद को असहज महसूस कर रहे थे। अब विशेषज्ञों के प्रशिक्षण के बाद उम्मीद है कि कक्षाओं में स्मार्ट क्लास का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्राचार्य राम प्रवेश के नेतृत्व में विशेषज्ञ मंसूर अहमद, एसआरजी प्रीति सिंह और टेक्निकल टीम डिजिटल माध्यम से पढ़ाने की बारीकियां सिखा रही है।

कंपोजिट ग्रांट से मिलेगा डाटा पैक: फिलहाल दो-दो सिम कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। वाईफाई के जरिये स्मार्ट बोर्ड संचालित होंगे, जिन पर कई शैक्षिक एप भी उपलब्ध रहेंगे।

एआई प्लेटफॉर्म से सीखेंगे नई: तकनीक स्मार्ट क्लास के साथ शिक्षकों को एआई आधारित प्लेटफॉर्म के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को एआई की बुनियादी समझ देने और उसके माध्यम से शैक्षिक वीडियो तैयार करने की जानकारी भी दी जाएगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार का कहना है कि समग्र शिक्षा के तहत पीएम श्री योजना में विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। नए सत्र में प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को तकनीक के साथ पढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।



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