स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को खेती के आधुनिक तरीकों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। केंद्र सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रदेश की 2236 महिलाओं को ड्रोन दीदी के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये महिलाएं ड्रोन के जरिये फसलों पर कीटनाशक और पोषक तत्त्वों के छिड़काव जैसी सेवाएं देंगी। इससे जहां उनकी आय में सुधार होगा, वहीं खेती-किसानी के कार्य में भी उनकी रुचि बढ़ेगी।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में कृषि क्षेत्रफल का आकलन कर लक्ष्य तय किया गया है। एक हजार हेक्टेयर पर एक ड्रोन के मानक से कुल 2365 ड्रोन की जरूरत आंकी गई थी, लेकिन उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए 2236 ड्रोन दीदी के चयन का लक्ष्य तय किया गया है। इससे करीब 23.64 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में यह महिलाएं ड्रोन की सेवा उपलब्ध कराएंगी।
ये भी पढ़ें – अयोध्या: रामलला ने भी मनाया मकर संक्रांति का पर्व, अर्पित की गई पतंग; पूजा के बाद लगाया गया विशेष भोग
ये भी पढ़ें – मकर संक्रांति के बाद प्रदेश में कम पड़ेगी ठंड, पर इन जिलों में घने कोहरे का अलर्ट; ये शहर रहे सबसे ठंडे
लखनऊ मंडल को सर्वाधिक: मंडलवार लक्ष्य की बात करें तो लखनऊ मंडल को सबसे अधिक 273 ड्रोन दीदी बनाने का लक्ष्य मिला है। इसके बाद बरेली मंडल में 188, कानपुर में 170, प्रयागराज में 155, अयोध्या में 157, अलीगढ़ में 142 और मेरठ मंडल में 141 ड्रोन दीदी बनाई जाएंगी। गोरखपुर मंडल को 129, देवीपाटन को 118, आजमगढ़ को 98, बस्ती को 83, वाराणसी को 121 और मिर्जापुर मंडल को 54 ड्रोन दीदी के चयन का लक्ष्य दिया गया है। झांसी मंडल में 40 और चित्रकूट मंडल में 27 ड्रोन दीदी बनाई जाएंगी। जिलों की बात करें तो शाहजहांपुर को 96, लखीमपुर को 61, हरदोई को 50, सीतापुर को 46 और उन्नाव को 45 ड्रोन दीदी के चयन का लक्ष्य दिया गया है।
