बिना डॉक्टर की सलाह लिए एंटीबायोटिक खाने की आदत के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। रिएक्शन के कुल मामलों में हर तीसरा एंटीबायोटिक दवाओं का ही है। संजय गांधी पीजीआई में जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच दर्ज हुए दवा रिएक्शन के मामलों में यह तथ्य निकला है। यह रिपोर्ट संस्थान के अस्पताल प्रशासन विभाग ने तैयार की है।
अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रमुख प्रो. राजेश हर्षवर्धन, डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. शालिनी त्रिवेदी, डॉ. अनमोल जैन, डॉ. वैष्णवी आनंद, डॉ. अक्षिता बंसल और डॉ. अंकित कुमार सिंह रिपोर्ट तैयार करने में शामिल रहे। साल भर के दौरान दवा रिएक्शन के कुल 213 मामले दर्ज किए गए।
इनमें से 53 फीसदी पुरुष और 47 फीसदी महिलाओं के थे। कुल मामलों में से 31 फीसदी एंटीबायोटिक, 12 फीसदी सांस संबंधी रोगों और 10 फीसदी मामले कैंसर संबंधी दवाओं के हैं। दवाएं खाने के बाद करीब 35 फीसदी को शरीर पर दाने और चकत्ते पड़ने की समस्या हुई, जबकि 20 फीसदी रोगियों को पेट संबंधी समस्या हुई।
