दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के कुछ आपराधिक मुकदमों में विवेचक की लापरवाही के कारण पुलिसकर्मियों की जवाबदेही कटघरे में है। कुछ मामलों में विवेचक कई वर्षों तक अदालत में गवाही देने नहीं आते। जबकि अन्य की गवाही हो चुकी होती है। उनकी अनुपस्थिति के कारण मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पाता है। जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनकी लापरवाही के चलते पीड़िताओं को जल्द न्याय नहीं मिल पा रहा। गवाही देने से बच रहे गवाहों पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने गवाही न होने तक कुछ विवेचकों का वेतन रोकने के आदेश पुलिस अधिकारियों को दिया है।
