इसके कारण वह कर्नाटक की एक गर्लफ्रेंड के संपर्क में था। पुलिस ने समयदीन के मोबाइल ट्रेसिंग के जरिए उसे पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही वह कर्नाटक से शामली पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया।
इसके अलावा, अलाउद्दीनपुर के मिथुन तक भी पुलिस दिल्ली और राजस्थान की गर्लफ्रेंड के जरिए पहुंची थी। एक दिसंबर को मिथुन को झिंझाना क्षेत्र में पुलिस ने मार गिराया था। एसपी ने बताया कि समयदीन के गिरोह में आठ से नौ अन्य सदस्य भी हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नफीस की दो शादियां
पुलिस के अनुसार, नफीस की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी रुकसाना की छह साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद उसने कोलकाता की रहने वाली शमा से दूसरी शादी की। शादी के बाद नफीस अपनी दूसरी पत्नी के साथ कोलकाता में रह रहा था और कभी-कभी वारदातों के लिए शामली आता था। यहां वह कपड़े की फेरी की आड़ में अपराधों को अंजाम दे रहा था।
गिरोह में 20-30 साल के युवाओं को जोड़ रहा था समयदीन
पुलिस की जांच में सामने आया कि 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश समयदीन नफीस की मौत के बाद से खुद गिरोह की कमान संभाल रहा था। उसका गिरोह 20 से 30 साल तक के युवाओं को शामिल करके अपराध की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।




