सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पॉइंट, राधे मेडिकल एजेंसी और ताज मेडिको ने पुडुचेरी के मीनाक्षी फार्मा से नामी कंपनियों के नाम की नकली दवाएं खरीदी थी। इस पर करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की थीं। सीबीसीआईडी ने पुडुचेरी में नकली दवा बनाने वाली तीन फैक्टरी पकड़ी थीं, जिसमें 30 करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं और कच्चा माल मिला था। 

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यहां 20 करोड़ रुपये की एडवांस मशीन भी जब्त की थी, जिससे नामी कंपनियों के नाम से हूबहू दवाएं बनाकर पैकिंग की जाती थीं। जांच तेज होने पर आगरा पुलिस मीनाक्षी फार्मा के मालिक एके राणा को पुडुचेरी से गिरफ्तार कर आगरा लेकर आई। पुलिस अपने स्तर से इसकी जांच कर रही है। औषधि विभाग भी आरोपी को कोर्ट के जरिये नोटिस देने की तैयारी कर रही है। इसमें ये पूछा जाएगा कि इन पांच फर्म को नामी कंपनियों की दवाओं की बिक्री की थी कि नहीं। बिल से भुगतान किए थे कि नहीं। दवा बनाने का लाइसेंस था कि नहीं। ऐसे तमाम प्रश्नों के जरिये जवाब मांगा जाएगा। पांच दवा कंपनियों को भी नोटिस देकर ये पूछा गया है कि जब्त की गई दवाएं आपके यहां निर्मित हैं कि नहीं। बैच नंबर देकर इनके वितरक की भी जानकारी मांगी है।

अंशुल के फर्म की भी कर रहे जांच

सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि भिवाड़ी में गुजरात एटीएस ने अवैध रूप से अल्प्राजोलम दवा बनाने वाला गिरोह पकड़ा है। ये दवा नींद के लिए उपयोग की जाती है। नशे के लिए इसकी कालाबाजारी होती है। इसमें एक आरोपी अंशुल आगरा का रहने वाला बताया था। इसके नाम से फर्म की जांच कराई जा रही है। वैसे, अभी तक इसके नाम से आगर में कोई फर्म संचालित नहीं मिली है।

 



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