प्रेमिका के साथ शादी कर बंगलूरू में बसने के लिए सिकंदरा क्षेत्र की रोजर शू फैक्टरी में सुपरवाइजर ने ही चोरी कराई थी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी सुपरवाइजर, उसके सगे भाई और दोस्त को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। पीड़ित ने 54 लाख रुपये और जेवर चोरी होना बताया था। पर, आरोपियोंं से 66 लाख नकद, 7.5 करोड़ से अधिक कीमत के गहने और चांदी के बर्तन बरामद हुए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। कमिश्नरेट में किसी चोरी की घटना में यह अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी है।
सिकंदरा के नेशनल हाईवे स्थित रोजर शू इंडस्ट्रीज में 18 जनवरी की रात छत के रास्ते घुसे चोरों ने पहली मंजिल पर फैक्टरी संचालक के ऑफिस में बने लॉकर से नकदी और गहने चोरी किए थे। अगले दिन संचालक दीपक बुद्धिराजा ने प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में गहने और नकदी की जानकारी नहीं दी। बाद में 54 लाख रुपये और पत्नी के गहने हाेने की जानकारी दी। 2016 में गहनों का मूल्य 85 लाख रुपये होना बताया था।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फैक्टरी में लगे सीसीटीवी में एक चोर दिखा था। वह फैक्टरी सुपरवाइजर बाह के बटेश्वर निवासी अनुपम शर्मा जैसा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसने चोरी कबूल की। उसके पास 66.33 लाख रुपये मिले। अधिक बरामदगी पर पुलिस संतुष्ट थी लेकिन दीपक बुद्धिराजा नहीं। उन्होंने गहने पुश्तैनी और बहुत कीमती होने की बात कही।
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पुलिस आयुक्त दीपक कुमार
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जेवरात का पता नहीं चलने पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास, एडीसीपी आदित्य कुमार और एसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडीक, ट्रेनी आईपीएस अभय डागा के नेतृत्व में टीम गठित की। गिरफ्तार सुपरवाइजर की लोकेशन के आधार पर गूगल रूट मैप बनवाया गया। उसकी कॉल डिटेल से प्रेमिका का पता चला। पुलिस ने प्रेमिका को भी जेल भेजने की धमकी दी तो आरोपी टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि चोरी में उसने सगे भाई अनुराग और मित्र बाह निवासी संजय सिंह को शामिल किया था। गहने गड्ढा खोदकर जमीन में छिपाया है। पुलिस ने वीडियोग्राफी करते हुए गड्ढा खुदवाया और जेवरात बरामद किए।
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फैक्टरी मालिक
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सुरक्षित समझ फैक्टरी में रखा था सामान
निशानदेही पर पुलिस ने 66.33 लाख नकद, 3.800 किलोग्राम सोने व हीरे के गहने, 5.5 किलोग्राम चांदी बरामद किए। पुलिस के अनुसार गहनों की कीमत 7.70 करोड़ के लगभग है। फैक्टरी संचालक ने पुलिस को बताया कि लाजपत कुंज स्थित घर की मरम्मत हो रही है। उन्होंने रहने के लिए पास ही एक फ्लैट किराए पर लिया है। उन्हें नकदी और गहने रखने के लिए फैक्टरी सबसे सुरक्षित लगी थी। पत्नी स्टेला बुद्धिराजा के सोने व हीरे के जेवरात ऑफिस के लॉकर में रख दिए थे।
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बरामद आभूषण
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पूरी तैयारी कर चुका था मास्टरमाइंड
मास्टरमाइंड अनुपम चार साल से नौकरी कर रहा था। वह मूल रूप से बाह का है पर काफी समय से परिजन के साथ आवास विकास क्षेत्र में रह रहा था। उसका भाई बाह में ढाबा चलाता है। प्रेमिका सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है। पूर्व में सेंट्रल पार्क में मामूली विवाद में युवक की हत्या के मामले में अनुराग शक के चलते हिरासत में लिया गया था। वह पुलिस के तरीके जान चुका था। प्रेमिका एशोआराम का जीवन जीना चाहती थी। अनुपम ने मालिक को लाॅकर में रकम, गहने रखते देखा तो चोरी की साजिश रच ली। वह जेल से छूटकर अमीर रहना चाहता था, इसलिए गहने जंगल में जमीन में छिपाए थे।