आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र में रहने वाले न्यायिक अधिकारी को काॅल कर रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को पुलिस ने रायगढ़ (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी मछुआरा है। पत्नी को परेशान करने वालों को धमका रहा था। डायल करते समय गलती से काॅल आगरा लग गई। उसे नहीं पता था कि न्यायिक अधिकारी हैं। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई। उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।

मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थाना हरीपर्वत में 30 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फोन पर गाली-गलाैज और रंगदारी मांगने का आरोप था। उन्हें 29 जनवरी को एक घंटे में तीन बार काॅल की गई थी। रात 9 से 10 बजे के बीच काॅल कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।

पुलिस ने नंबर की डिटेल निकाली। इसमें पता चला कि फोन रायगढ़ से किया गया है। टीम वहां पहुंची। सिम की आईडी से अंकित निषाद का पता चला। पुलिस उसे पकड़कर ट्रांजिट रिमांड पर आगरा ले आई। अंकित मूलरूप से सुल्तानपुर के गोसाईगंज स्थित सैदपुर का रहने वाला है।

परिचित के मोबाइल से की थी काॅल

थाना प्रभारी के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि गलत नंबर मिल गया था। पुलिस को विश्वास नहीं हुआ। फिर सवाल-जवाब में आरोपी ने बताया कि पत्नी के मोबाइल पर कुछ अनजान लोग काॅल कर परेशान कर रहे थे। परिचित से मोबाइल लेकर वह उन लोगों को धमका रहा था लेकिन फोन न्यायिक अधिकारी को लग गया।

1000 किलोमीटर दूर से खोजा

थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि पुलिस उसके पास 1000 किलोमीटर दूर रायगढ़ तक पहुंच जाएगी। वह समुद्री इलाके में रहता है। नाव पर भी कई दिन रहता है। उसे पकड़ना आसान नहीं था। आरोपी अंकित और न्यायिक अधिकारी एक ही जनपद के रहने वाले हैं। पुलिस अब उनके घर और परिजन से भी जानकारी जुटाने के प्रयास में लगी है। यह पता कर रही है कि न्यायिक अधिकारी को वो पहले से तो नहीं जानता है। इस वजह से धमकी दे रहा हो।



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