आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के गठन की मांग को लेकर एक जनहित याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने प्रदेश सरकार को प्रत्यावेदन भेजा है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने कहा है कि हाईकोर्ट में 4 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने 15 दिन के भीतर ओबीसी आयोग गठन की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया था। यदि तय समय में आयोग का गठन नहीं किया गया तो वे अवमानना याचिका दाखिल करेंगे।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार के इस कथन के आधार पर उनकी जनहित याचिका निस्तारित कर दी थी। सुनवाई न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने की थी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायत चुनाव से पहले ओबीसी आयोग का गठन आवश्यक है, क्योंकि इससे सीटों के आरक्षण का निर्धारण जुड़ा है। उनका आरोप है कि आयोग गठन का मामला पांच माह से अधिक समय से लंबित है। उन्होंने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच प्रस्तावित पंचायत चुनाव समय पर कराने के लिए आयोग गठन शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
