पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश एवं इंडो-अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में आज “पशुधन क्षेत्र में व्यावसायिक अवसरों की खोज” विषय पर एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शासन, उद्योग जगत, निवेशकों, विशेषज्ञों एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य पशुधन क्षेत्र में निवेश, नवाचार, मूल्य संवर्धन तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान दुग्ध एवं मांस प्रसंस्करण, चारा विकास, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, जैव-सुरक्षा, टीकाकरण एवं रोग नियंत्रण, कोल्ड चेन, स्टार्टअप्स, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम गर्भाधान, तथा निर्यात संभावनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर मेमपाल सिंह, निदेशक, पशुपालन विभाग ने अपने संबोधन में कहा कि पशुधन क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह न केवल पशुपालकों एवं किसानों की आय वृद्धि में सहायक है, बल्कि रोजगार सृजन, पोषण सुरक्षा एवं निर्यात संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि विभाग एक निवेश-मैत्री एवं पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे उद्योग एवं निवेशकों को प्रदेश में परियोजनाएँ स्थापित करने में सुगमता प्राप्त हो।

कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि पशुधन आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी तथा प्रदेश को इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। उद्योग प्रतिनिधियों एवं निवेशकों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग एवं निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की गई।

निदेशक, पशुपालन विभाग ने आयोजक संस्था, सभी माननीय अतिथियों, वक्ताओं, उद्योग भागीदारों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए आशा व्यक्त की कि आज की चर्चाएं शीघ्र ही ठोस परियोजनाओं एवं साझेदारियों के रूप में परिणत होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग भविष्य में भी इस प्रकार के संवादात्मक मंचों के माध्यम से पशुधन क्षेत्र के सतत एवं समावेशी विकास के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

सेशन को सम्बोधित करते हुए मुकेश मेश्राम, सचिव ने उपस्थित उद्यमियों को प्रदेश में उच्च उत्पादन क्षमता के गोवंश का संवर्धन जिसमें साहीवाल, गिर, थारपारकर जैसी प्रजाति की गायों को, नन्दबाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित नंदिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन जैसी योजनाओं को उपस्थित उद्यमियों से संवाद किया और इन क्षेत्रों में उद्यमियों से भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। 

मेश्राम ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित अवसंरचना विकास निधि, बैंक ऋण, अनुदान जैसी प्रोत्साहन योजनाओं को उद्यमियों के समक्ष विस्तृत तरीके से रखा। मेश्राम ने विभाग द्वारा संचालित जिले स्तर पर लैबोरेटरीज, पशु पॉलीक्लीनिक, पशु अस्पतालों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में भागीदारी के लिए तथा उनसे जुड़ी हुई तमाम योजनाओं को जिनसे प्रदेश में उद्यमियों के साथ-साथ कृषकों की भी आय बढ़ाने तथा रोजगार उत्पन्न किये जाने वाले आयामों को प्रोत्साहित किया। मेश्राम ने सारी योजनाओं को जैसे नेशनल लाइवस्टाक मिशन, लाइव स्टाक और पोल्ट्री में ब्रीड डेवलपमेन्ट अधिक से अधिक मात्रा में डाइट में इस्तेमाल किया जाना उत्पादकता में ब्रीड डेवलमेन्ट के माध्यम से सुधार। अंडा, बकरी का दूध, चारा, मीट के उत्पादन में बढ़ोत्तरी किये जाने वाले आयामों पर, पशुओं के लिए चारा उत्पादन करने वाली योजनाओं, इन सभी सेक्टरों में रिसर्च, क्षमता निर्माण जैसे आयामों को विशेष आवश्यकता दिये जाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया। 

देवेन्द्र पाण्डेय, विशेष सचिव, पशुपालन विभाग ने उद्यमियों को इन योजनाओं से सम्बन्धित समय-समय पर वर्कशाप आयोजित करके, तकनीकी ज्ञान पर विशेषज्ञों द्वारा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। 

इस सेशन के कन्वीनर मुकेश सिंह ने इस गोष्ठी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन्डस्ट्री के इन योजनाओं से जुड़ने से न केवल प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इन उद्योगों को प्राइवेट सेक्टर से जोड़ने से प्रदेश में पशुपालन, मछली पालन, पोल्ट्री जैसे सेक्टर्स में निवेश आने से ऐसी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित होंगी तथा उ0प्र0 में रोजगार के नये साधन उपलब्ध होंगे और इन सेक्टर से जुड़े हुए किसानों की आय बढ़ेगी, जो कि निश्चित रूप से किसानों की पर कैपिटा इनकम को बढ़ाने में सहायक होगी। 

गोष्ठी में इंडो-अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के कई सदस्यगण इंडियन चैम्बर ऑफ फूड एण्ड एग्रीकल्चर के कई सदस्यगण, एसोचैम यूपी के सदस्यगण सहित तमाम इंडस्ट्री के लोग मौजूद थे। कुछ लोग विशेष रूप से जैसे डीपी सिंह, प्रेसीडेन्ट, एसोचैम यूपी, डा0 नीरज मिश्रा, संदीप कोहली, तुषार शर्मा, डायरेक्टर, इंडियन चैम्बर ऑफ फूड एण्ड एग्रीकल्चर, अशोक सिंह, कौशलेन्द्र पाल सिंह, आर.पी. सिंह (रिटायर्ड आईपीएस), एम.पी. भट्ट, जेपी सिंह (रिटायर्ड आईएएस), सौरभ यादव, वीके सिंह उपस्थित थे। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *