पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए यूपी काडर के आईएएस अधिकारी अनुराग यादव वापस लौट आए हैं। चुनाव आयोग के निर्देश पर उनके खिलाफ नियुक्ति विभाग कार्रवाई कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ मुख्य सचिव को पत्र भेज दिया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी ने पुष्टि नहीं की गई है।
यूपी से 24 से अधिक आईएएस अधिकारी विभिन्न राज्यों में पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए हैं। अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया था। चुनाव आयोग ने दिल्ली से बंगाल चुनाव की तैयारियों को लेकर बुधवार को वर्चुअल बैठक की। इसमें पश्चिम बंगाल के डीजीपी, मुख्य सचिव, पर्यवेक्षक और राज्य के तमाम अधिकारियों को बुलाया था।
सामने आई ये वजह
चुनाव आयोग ने कूच बिहार दक्षिण के पर्यवेक्षक अनुराग यादव से उनके विधानसभा में पड़ने वाली कुल पोलिंग बूथ की जानकारी मांगी। बताते हैं कि इसकी जानकारी वह नहीं दे पाए। काफी देर जानकारी जुटाने के बाद जब वह बाले, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनको डांट दिया।
इस पर अनुराग यादव ने कहा कि आप हमारे साथ ऐसा बर्ताव नहीं कर सकते, हमने इस सेवा में अपने 25 साल दिए हैं, आप इस तरह से बात नहीं कर सकते। इसके बाद ही उन्हें पर्यवेक्षक पद से हटाते हुए वापस जाने को बोल दिया गया। अनुराग यादव प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी हैं और हाल ही में उन्हें समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके पहले वह सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव थे।
यूपी कॉडर के वर्ष 2011 के आईएएस अधिकारी रहे अभिषेक सिंह को इसी तरह वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान गुजरात से वापस भेजा गया था। पर्यवेक्षक बनाए जाने के दौरान उन्होंने गाड़ी के आगे खड़े होकर फोटो खिंचाने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके बाद आयोग ने नाराजगी जताते हुए उन्हें वापस कर दिया था। यहां बता दें कि बाद में अभिषेक सिंह ने आईएएस सेवा से इस्तीफा दे दिया है।
