आगरा के थाना सिकंदरा के अरतौनी निवासी इशांत चौधरी ने ट्रांसपोर्ट कारोबार के नाम पर धोखाधड़ी कर 9 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाकर 8 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
इशांत ने बताया कि करीब 5 माह पूर्व उनकी मुलाकात अमित कुमार लाटा से हुई थी। उसने जिसने अपना स्थायी पता गुजरात का बताया और आगरा के ग्राम लखनपुर में किराए पर रहने की जानकारी दी। दोस्ती के बाद उसने ट्रांसपोर्ट के काम में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। उसके कहने पर इशांत ने चौधरी एंटरप्राइजेज नाम से फर्म शुरू की।
आरोप है कि अमित ने आगरा व आसपास की फैक्ट्रियों में मजबूत संपर्क होने का दावा किया और उनकी पहचान विभिन्न कंपनियों के लॉजिस्टिक मैनेजरों व अधिकारियों से कराई। अमित के परिचित ट्रांसपोर्टर बाईपुर बाजार निवासी मुकेश कुमार लोधी ने फैक्ट्रियों के नाम पर बिल्टी व इनवॉइस बनवाकर ट्रांसपोर्टरों को भुगतान कराया। 3 माह बाद भी किसी कंपनी से भुगतान प्राप्त नहीं हुआ। आरोपियों ने 95 हजार रुपये जीएसटी, 4.33 लाख रुपये ट्रांसपोर्टर को, 56,800 रुपये ऑनलाइन व 48,400 रुपये नकद और अमित के साथियों के खातों में 2.21 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। 9 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी कोई मुनाफा नहीं हुआ तो उन्होंने तकादा किया।
8 दिसंबर 2025 के बाद अमित मोबाइल बंद कर भाग गया और किराए का मकान खाली कर दिया। उनकी फर्म के जीएसटी व एमएसएमई रजिस्ट्रेशन की प्रतियां, बिल बुक व बिल्टी बुक भी आरोपी ले गया है। पीड़ित ने प्राथमिकी में डिजाइन अप लिविंग एलएलपी के रजत गुप्ता, ओवरसीज ट्रेड लिमिटेड के आकाश अग्रवाल व जुगनू, स्टोनमैन कंपनी के योगेंद्र यादव व कमल सिंह और शर्मा इंटरनेशनल के अजय को नामजद किया है। इंस्पेक्टर सिकंदरा ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है।
