सुजौली रेंज के ग्राम सुजौली में रविवार की रात बकरियों पर हमला करने वाला तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में सोमवार रात को कैद हो गया। पिंजरा लगने के महज 15 मिनट के भीतर ही तेंदुआ उसमें फंस गया, इससे गांव के लोगों को राहत का एहसास हुआ।
गांव के सोतिया नाला के पास स्थित मनीष मौर्य के बकरी पालन बाड़े में जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने रविवार की रात हमला कर दिया था। तेंदुए के हमले में 13 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि आधा दर्जन से अधिक बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। घटना के बाद से गांव में भय का माहौल बना हुआ था और ग्रामीण वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे।
सोमवार की रात करीब आठ बजे सुजौली वन क्षेत्राधिकारी रोहित कुमार के नेतृत्व में वन दरोगा अनिल कुमार सहित टीम ने मौके पर पिंजरा लगाया। पिंजरा लगाने के 15 मिनट बाद ही पिंजरे में बंधे शिकार के लालच में पहुंचा तेंदुआ उसमें कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद वन विभाग के साथ ही ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली।
वन क्षेत्राधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुआ प्रथमदृष्टया मादा प्रतीत हो रहा है, उसकी उम्र लगभग तीन वर्ष आंकी जा रही है। उन्होंने बताया कि तेंदुए को सुजौली रेंज कार्यालय ले जाया जा रहा है, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई कर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
