शिकोहाबाद में पांच माह पूर्व जमीनी रंजिश में किसान को गोली मारने के मामले में नसीरपुर पुलिस ने घायल किसान के आरोपी भाई को जेल भेजा है। पिता-पुत्रों ने मिलकर फर्जी फायरिंग का षड्यंत्र रचकर परिवार के ही लोगों को फंसाने का षड्यंत्र रचा था। जिसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी को जेल भेजा है।
नसीरपुर क्षेत्र के गांव नगला टीकाराम निवासी चंदन सिंह (50) गत 24 अगस्त 2025 को अपने बेटे शेर सिंह के साथ बाइक से शिकोहाबाद आये थे। रात 9 बजे करीब वह वापस लौट रहे थे। उसी दौरान छेछपुर मार्ग पर किसान चंदन सिंह को सामने से आ रहे बाइक सवार रामशकंर एवं कृष्णगोपाल ने गोली मार दी थी। यह घटना जमीनी रंजिश के चलते की गई थी। यह आरोप घायल के बेटे शेर सिंह ने लगाते हुए नसीरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने घटना की छानबीन करते हुए पाया था कि घटना के दौरान दोनों आरोपी भाई गांव में ही मौजूद थे।
घटना से कुछ दिन पहले ही राजस्व विभाग की टीम ने नापजोख की थी। जिसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया था। यह घटना परिवार के ही दोनों भाइयों को फर्जी मामले में फंसाने के लिए प्रायोजित की गई थी। किसी और ने नहीं बल्कि शेर सिंह ने अपने भाई उपेंद्र उर्फ मोनू के साथ मिलकर ही अपने पिता चंदन सिंह को गोली मारी थी।
यह बात नसीरपुर पुलिस की जांच में सामने आई थी। पुलिस ने गहनता से जांच करके चंदन सिंह को कुछ दिनों बाद ही जेल भेज दिया था। घटना में घायल का आरोपी भाई उपेंद्र वांछित चल रहा था। नसीरपुर पुलिस ने आरोपी को फतेहपुर करखा भट्टे के पास से गिरफ्तार कर लिया। जिसके पास से तमंचा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
