उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नौवीं मंजिल के अपार्टमेंट से तीन बहनों की खुदकुशी के मामले ने जांचकर्ताओं को उलझन में डाल दिया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पूछताछ में तीनों लड़कियों के पिता ने बताया कि बच्चे एक कोरियन गेम खेल रहे थे जिसमें उन्हें कुछ काम करने होते थे, और आखिरी काम आत्महत्या करना था। उधर, पुलिस ने बताया कि तीनों बहनें मोबाइल फोन पर कोरियन शो देखती थीं। पुलिस ने यह भी कहा कि परिवार में दूसरी समस्याएं भी थीं, जिनमें सबसे बड़ी समस्या कर्ज थी।
पुलिस ने बताया कि लड़कियों के पिता चेतन कुमार पर दो करोड़ रुपये का कर्ज है। चेतन कुमार एक स्टॉक ट्रेडर हैं, वो ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। चेतन कुमार को शेयर बाजार में पैसा निवेश करने के दौरान तीन वर्ष पूर्व दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चेतन ने मोबाइल बेचकर 10 दिन पूर्व ही बिजली का रीचार्ज किया
माहभर की मेहनत के बाद वह मात्र इस रकम का ब्याज ही दे पा रहे हैं। सोसायटी के पदाधिकारियों के मुताबिक, आर्थिक तंगी के चलते चेतन ने घर में रखा एक मोबाइल बेचकर 10 दिन पूर्व ही बिजली का रीचार्ज किया है।

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Ghaziabad Triple Suicide
– फोटो : अमर उजाला
आर्थिक तंगी से जूझ रहा था चेतन
कोरोना काल में शेयर बाजार में आई उथल-पुथल के बीच चेतन को दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके चलते वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। परिवार के आर्थिक परेशानियों में फंसे होने के चलते उसके करीबी रिश्तेदारों ने उससे दूरी बना ली थी।

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भारत सिटी सोसायटी के फ्लैट में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद पुलिस को मिला नोट
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आर्थिक तंगी के चलते तीनों बेटियों ने स्कूल छोड़ा
शेयर मार्केट में हुए घाटे की भरपाई के लिए वह दिन-रात मेहनत करके भी कुछ रुपये ही जमा कर पा रहा था। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, इसी के चलते तीनों बेटियों ने स्कूल छोड़ दिया था। तंगी के चलते घर में कई बार क्लेश भी हो चुका था।

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भारत सिटी सोसायटी के फ्लैट में कमरे की दीवार पर किशोरी ने लिखी लाइन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खुद को किया घर में बंद
देर रात हुए हादसे के बाद जब चेतन की पत्नी सुजाता और हिना नीचे पहुंचीं तो किशोरियों के लहूलुहान शव को देखकर बेसुध हो गईं। हादसे के बाद पिता चेतन भी सुध-बुध खो बैठे। बुधवार तड़के से लोगों का पीड़ित परिवार के घर आना-जाना शुरू हो गया।
