उस्तरे से गला रेतकर सगे चाचा की हत्या करने के मामले में पांच साल बाद फैसला आया है। एडीजे-8 संजय के. लाल ने थाना सैंया क्षेत्र के गांव सौरा निवासी गिरीश, मनीष और अमित (तीनों सगे भाइयों) को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
थाना सैंया में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गांव सौरा निवासी विनीत कुमार ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि उनके ताऊ घूरे लाल के पुत्र गिरीश, मनीष और अमित आए दिन उनकी पिटाई कर रुपये मांगते थे। अपने बुजुर्ग भाई घूरे लाल की दयनीय हालत देखकर पिता मुकेश चंद विरोध करते थे। डांटने से नाराज होकर आरोपियों ने पिता मुकेश चंद को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
पिता 4 अक्तूबर 2020 को खेतों की तरफ गए थे। वहां आरोपियों ने उन्हें बाजरे के खेत पर घेरकर गिरा लिया। आरोपी मनीष ने उनके पैर और अमित ने हाथ पकड़ लिए। गिरीश ने पिता मुकेश चंद का उस्तरे से गला रेत दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मां इमरती और भाई ने देखकर शोर मचाया, तब तक आरोपी भाग गए थे। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में आठ गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की तरफ से भी तीन गवाह पेश हुए।
