दवा माफिया एके राणा पुडुचेरी में नकली दवा बनाकर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भेजता था। आगरा में भी इसने करोड़ों रुपये की नकली दवाएं खपाई हैं। हे मा मेडिकोज, बंसल मेडिकल एजेंसी समेत 5 फर्माें को भी इसने दवाएं बेची। पुलिस की जांच में इसके राज खुलेंगे।

सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि बीते अगस्त में नामी कंपनियों के नाम की नकली दवा मामले में हे मां मेडिकोज, राधे मेडिकल एजेंसी, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडि पॉइंट, ताज मेडिको पर छापा मारकर करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की थीं। जांच में ये दवाएं पुडुचेरी के मीनाक्षी फार्मा के संचालक एके राणा का नाम सामने आया।

इसने लखनऊ की न्यू बाबा फार्मा, पार्वती ट्रेडर्स की फर्म को भी दवाएं बेची। गाजियाबाद, बरेली और कई जिलों में दवाएं बेचने की जानकारी मिली थी। ये पुडुचेरी में नकली दवाएं बनाता था, वहां से आगरा समेत कई जिलों में भेजता था। इसके पकड़े जाने के बाद औषधि विभाग भी जांच करेगी। सीबीसीआईडी और सेंट्रल स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन की टीम की जांच में ये कई राज्यों में नकली दवाएं खपाने के सुराग मिले हैं। जांच अभी चल रही है।

नकली दवा बनाने की मशीन 20 करोड़ की

सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि सीबीसीआईडी ने बीते महीने एके राणा की पुडुचेरी स्थित फैक्टरी पर छापा मारकर 30 करोड़ की दवाएं और मशीनें पकड़ी थी। इसमें 20 करोड़ रुपये की एडवांस मशीन मिली, जिससे ये नामी कंपनी के हुबहू रैपर में दवाएं पैक करता था। इससे पहचान पाना आसान नहीं था। बीते सितंबर को भी सेंट्रल स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन की टीम ने दो फैक्टरी पकड़ी थी, यहां से पांच करोड़ रुपये की नकली दवाएं और मशीनें जब्त की थीं।

एक ही क्यूआर कोड से बनाते थे दवाएं

सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि एके राणा पुडुचेरी में नामी कंपनी के नाम से नकली दवाएं बनाता था। वह एक ही क्यूआर कोड से एक हजार गुना तक दवाएं बनाकर बाजार में खपाता था। सामान्य रूप से नकली और असली में भेद कर पाना आसान नहीं। कंपनियों की दवाओं की बिक्री घटने के बाद इसकी शिकायत की, जिसके बाद कई राज्यों में छापा मारकर कार्रवाई की गई।

 



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