कांशीराम जयंती को सपा ने पीडीए दिवस के रूप में रविवार को एक गेस्ट हाउस में मनाया। यहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार समाज को बांटने का काम कर रही है।
कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा में पंडित वाले प्रश्न पर शिवपाल यादव बोले- छह माह से लगातार ब्राह्मणों को अपमानित करने का काम सरकार कर रही है। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बाबा साहब के बनाए गए संविधान का सम्मान होना चाहिए और सभी वर्गों को उनके अधिकार मिलने चाहिए। बोले कि अगर संविधान के अनुसार काम हो तो पीडीए और बहुजन समाज के लोग पीछे नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांशीराम के आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम नेताजी ने किया था और अब इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सभी कार्यकर्ताओं की है।
शिवपाल सिंह ने 1992 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कुछ नारे दिए गए थे। इनमें गलतियां भी हुईं। उन्होंने कहा कि उस समय कांशीराम की जीत के बाद एक नारा दिया गया था, जिसका आगे का हिस्सा वह नहीं लेना चाहते क्योंकि भगवान राम को वह भी मानते हैं। कार्यक्रम में सांसद जितेंद्र दोहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक अंशुल यादव, विधायक राघवेंद्र गौतम, पूर्व राज्यमंत्री रामसेवक यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक यादव, पूर्व मंत्री केपी सिंह शाक्य, पूर्व एमएलसी रामनरेश यादव, सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू, जिला महामंत्री वीरू सिंह भदौरिया, सर्वेश शाक्य, जिला मीडिया प्रभारी विकास गुप्ता विक्की आदि मौजूद रहे।
पीडीए को एकजुट रहने का दिया संदेश
सपाइयों ने मंच से पीडीए का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताया। कहा कि समाज को एकजुट रहना चाहिए। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ें और समाज के कमजोर वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए काम करें।
