आगरा में ज्वेलर्स से ठगी के बाद अब पूर्व जीएसटी कमिश्नर कुमोद माथुर और उनके पुत्र अभिषेक के खिलाफ हरीपर्वत थाने में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। व्यापार के नाम पर परिचित से 19.53 लाख रुपये उधार लेने, तगादा करने पर दिए चेक बाउंस होने और धमकाने के आरोप हैं।
अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह के निर्देश पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शहजादी मंडी निवासी पीड़ित रमित जसोरिया ने दी तहरीर में पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में कुमोद माथुर ने अपने पुत्र अभिषेक से उनका परिचय कराया था। विश्वास दिलाया कि अभिषेक ने सील्डक्स नाम से नया व्यापार शुरू किया है। व्यापार विस्तार के लिए रुपयों की जरूरत है।
विश्वास के आधार पर उन्होंने 23 मई 2022 से 10 अगस्त 2024 के बीच बैंक के माध्यम से कुल 19,53,100 रुपये आरोपियों को दिए। उनकी पत्नी से भी अलग से धनराशि ली गई। तकादा करने पर आरोपियों ने पत्नी को चेक दिए जो बाउंस हो गए। न्यायालय में चेक बाउंस का मामला विचाराधीन है। बाद में 19 जुलाई 2025 को आरोपियों ने लिखित समझौते के तहत 8 लाख रुपये का सिक्योरिटी चेक दिया और शेष 11.53 लाख रुपये शीघ्र लौटाने का आश्वासन दिया। उसके बाद भी अभी तक रकम नहीं लौटाई गई। रकम वापस मांगने पर पूर्व जीएसटी कमिश्नर ने 20 नवंबर 2025 को फोन पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने दयालबाग स्थित अपना आवास बेच दिया है और वर्तमान में दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में रहकर ठगी कर रहे हैं। हरीपर्वत थाना प्रभारी का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बेटा ठगी के मामले में जेल में बंद
नेहरू नगर निवासी एएस ज्वेलर्स के संचालक योगेश अग्रवाल ने 17 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि पूर्व जीएसटी कमिश्नर कुमोद माथुर के कहने पर उनके बेटे अभिषेक को 153.79 ग्राम की पांच सोने की चेन बेची थी। भुगतान के लिए दिया चेक बाउंस हो गया। आरोपियों ने खाते में रुपये जमा करने की फर्जी रसीद भेजी। इसके बाद तकादा करने पर धमकाया। इस मामले में आरोपी अभिषेक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
