जगतपाल सिंह इंटर कॉलेज, बालपुर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सोमवार को कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पहुंचे। इस दौरान यूजीसी को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर और समाज से जुड़ा विषय है। वह पूरे मामले का अध्ययन कर रहे हैं और बिना पूरी जानकारी के कोई टिप्पणी करना उचित नहीं समझते। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी पक्षों के बीच सामंजस्य बनाकर समाधान निकाला जाना चाहिए।

पूर्व कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस्तीफे और राहुल गांधी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी पर पहले ही बहुत कुछ बोल चुके हैं, अब इस विषय पर कुछ कहना उचित नहीं है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब किसी पार्टी के कार्यकर्ता छह-छह महीने तक अपने नेता से नहीं मिल पाते, तो पार्टी कैसे चलेगी।

छह महीने पहले ही बता देंगे कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार सही रास्ते पर काम कर रही है। अपने भविष्य के चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 में वह जनता को छह महीने पहले ही बता देंगे कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे।

सांसदों को “भुनगा” कहे जाने वाले बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह शब्द उनके मुंह से फिसल गया था। उनका आशय यह था कि कुछ सांसद अक्सर गायब रहते हैं, जैसे कभी-कभी मोबाइल फोन गायब हो जाता है। वहीं प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि इस मामले में परंपरा का उल्लंघन हुआ या नहीं, यह संत समाज ही तय करेगा। प्रशासन ने अपना काम किया है और इस पर उनका कोई व्यक्तिगत नजरिया नहीं है।



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