Kanpur News: कानपुर में आयकरदाता करार दिए जाने के बाद 1818 विधवा महिलाओं की पेंशन रुकने की नौबत आ गई है, जबकि वे वास्तविक रूप से बेहद गरीब हैं। प्रभावित महिलाएं अब हलफनामा और झोपड़ियों की फोटो के जरिए अपनी गरीबी साबित करने की कोशिश कर रही हैं, जिसके बाद प्रशासन ने जमीनी सत्यापन शुरू किया है।


Kanpur Widows worried about their pensions are submitting affidavits declaring their poverty

जिला प्रोबेशन कार्यालय के बाहर हलफनामा लेकर बैठी महिलाएं
– फोटो : amar ujala



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  • केस वन- सनिगवां के गायत्रीनगर निवासी विक्रमता बाजपेई ने हलफनामे में लिखा है कि पति सुनील कुमार की 2018 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से उनको योजना का लाभ मिल रहा है। किसी तरह परिवार का खर्च चलाती हूं। दो लाख से कम सालाना आय है। कभी इनकम टैक्स तक नहीं भरा। विभाग इसकी जांच भी करा सकता है।
  • केस दो- दहेली सुजानपुर की रहने वाली कमलेश देवी ने बताया कि पति राम शंकर की मृत्यु 2008 में हो गई थी। इसके बाद से योजना का लाभ ले रही हैं। की वार्षिक आय एक लाख रुपये भी नहीं है। पेंशन से गुजर-बसर चल रहा है। उन्होंने आज तक पैन कार्ड तक नहीं बनवाया।



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