आगरा। नगर निगम में अब अपने ही पूर्वजों की संपत्ति को अपने नाम दर्ज कराना यानी म्यूटेशन (नामांतरण) कराना महंगा हो गया है। नामांतरण, पंजीकरण और विलंब शुल्क की नई बढ़ी हुई दरें भी 7 मार्च से लागू हो गई हैं। अब 50 रुपये में होने वाला पंजीकरण 500 रुपये में होगा। वहीं वसीयत के आधार पर होने वाले नामांतरण में भी क्षेत्रफल के अनुसार भारी बढ़ोतरी की गई है।
नगर निगम सदन ने 29 नवंबर, 2025 को नामांतरण शुल्क संशोधन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था। पारदर्शिता के लिए 3 दिसंबर को जनता से आपत्तियां मांगी गई थीं, लेकिन 1 जनवरी, 2026 तक एक भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने इन नई दरों को सरकारी गजट में प्रकाशित कराकर लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। नए शुल्क के अनुसार नगर निगम ने रजिस्ट्री के आधार पर होने वाले नामांतरण में दो नए स्लैब जोड़े हैं, जबकि वसीयत और उत्तराधिकार के मामलों को पूरी तरह बदल दिया है।