चंद्रभान यादव,अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi

Updated Sat, 11 Apr 2026 07:56 AM IST

उत्तर प्रदेश में बेहतर निगरानी और नियमित अनुरक्षण से ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की दर में कमी आई है, जिससे तीन अरब रुपये से अधिक की बचत हुई। हालांकि, ट्रांसफार्मर जलने पर अभियंताओं से वसूली के नए आदेश का विरोध हो रहा है और इसे लेकर विवाद बढ़ गया है।


UP: Over ₹3 Billion in Budget Savings for Transformer Repairs in a Year; Controversy Mounts Over New Order

फाइल फोटो
– फोटो : सोशल मीडिया



विस्तार

ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने की दर में करीब चार फीसदी की गिरावट आई है। निगरानी बढ़ाने के साथ ही वर्ष में दो बार अनुरक्षण कार्य करने के कारण ऐसे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इससे प्रत्येक वर्ष करीब तीन अरब से ज्यादा की बचत होने का अनुमान है। अब पाॅवर काॅर्पोरेशन ट्रांसफार्मरों की क्षतिग्रस्तता दर को और कम करने की रणनीति पर कार्य कर रहा है।


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प्रदेश में प्रत्येक वर्ष करीब 25 से 30 लाख वितरण ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होते हैं। इसी तरह करीब 150 से 200 वितरण ट्रांसफार्मर जलते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में पाॅवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन ने ट्रांसफार्मर की क्षतिग्रस्तता कम करने के लिए नई रणनीति अपनाई। इसके तहत वर्ष में दो अनुरक्षण माह घोषित किए गए। इसमें प्रत्येक ट्रांसफार्मर की जांच, तेल डालने की प्रक्रिया सहित अन्य गतिविधियां चलाई गईं। इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

 



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