उसने सोनाली की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद किराये पर थार गाड़ी लेकर आया। वह शव को नदी में फेंकना चाहता था। इसलिए एक्सप्रेस-वे पर आया था। मगर नदी नहीं मिली। इस पर वो खंदाैली टोल से पहले ही टर्न लेकर रुका। कंबल में लिपटे शव को फेंकने के बाद भाग गया। उसे लग रहा था कि दिल्ली की युवती की पहचान आगरा पुलिस नहीं कर सकेगी। मगर एआई की मदद से पुलिस पहचान करने में सफल रही। आरोपी को भी पकड़ लिया। वह पंजाब भागने वाला था। उसने अपने साैतेले पिता प्रदीप और मां को भी घटना के बारे में बता दिया।
बहन बोली, गलत कामों के विरोध पर सनी ने सोनाली को मार डाला
यमुना एक्सप्रेस पर हत्या कर कंबल में लपेटकर फेंकी की गई महोबा की सोनाली के परिजन सोमवार को आगरा पहुंच गए। उन्होंने आरोनी सनी की सारी करतूत का खुलासा किया। वह सोनाली का काफी समय से उत्पीड़न कर रहा था। बहन ने बताया कि सनी की हरकतों की वजह से सोनाली परेशान आ गई थी। उसके गलत कामों को विरोध करती थी। सनी को लग रहा था कि अब वो उसकी हरकत के बारे में सबको बता देगी। इसलिए उसने उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई। हत्या दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में करने के बाद पहचान छिपाने के लिए शव को यहां फेंका था।
सोनाली की बहन भारती और जीजा संत कुमार ने बताया है कि सोनाली चार बहनों में तीसरे नंबर की थी। उससे बड़ी बहन आरती और रोशनी हैं। सबसे छोटी भारती हैं। उन्होंने बताया कि चारों बहनों की शादी हो चुकी है। सोनाली की शादी करीब चार साल पहले हेवतपुरा (पनवाड़ी के पास) में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद सनी ने उससे संपर्क में किया। उस वक्त सनी पनवाड़ी में किराये पर रहकर स्वीपर का काम करता था।




