नकली उर्वरक व कीटनाशक का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। किसान ठगी का शिकार हो रहे हैंं। उनकी इस भरपाई के लिए कौन जिम्मेदार हैं, इस पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। उर्वरक और कीटनाशक दवा कंपनी के अफसरों ने जब  नकली उर्वरक बेचे जाने की शिकायत करने संग स्वयं रेकी की, तब विभाग की नींद टूटी और कार्रवाई की गई। अब कृषि विभाग के अफसर खुद अपनी पीठ थपथपाते नहीं थक रहे हैं।

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कृषि विभाग और जिला प्रशासन की नाक के नीचे नकली उर्वरक का खेल चल रहा है। ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली उर्वरक व कीटनाशक खुलेआम बेचे जा रहे हैं। ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर किसानों के साथ ठगी हो रही है। इसका खुलासा तब हुआ, जब कंपनियों के उत्पादों की सेल जिले में कम हुई। ट्रूबडी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड नोएडा के सहायक प्रबंधक आशीष जागिंड ने डीएम संग कृषि विभाग के अफसरों से शिकायत की। बताया कि उनकी कंपनी के नाम से अमेठी में नकली कीटनाशक की बिक्री की जा रही है।

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शिकायत करने के बाद कंपनी के लोग ही लगातार नकली उर्वरक बेचने वालों की रेकी कर रहे थे। पता लगने के बाद मंगलवार को कंपनी के आशीष जागिंड, कुलदीप कुशवाहा, बॉबी कुमार कृषि विभाग के अफसरों के साथ मौके पर पहुंचे तब मामला पकड़ में आया। इस कार्रवाई से यह साबित हो गया कि जिले में किस तरह नकली उर्वरक व कीटनाशक का कारोबार फल फूल रहा है, लेकिन इस पर अंकुश कैसे लगेगा और किसानों को कैसे नकली खाद, बीज व कीटनाशक से निजात मिलेगी, इसके लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि नकली उर्वरक, कीटनाशक व बीज की रोकथाम को लेकर अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल नकली उर्वरक के संबंध में दो पर केस भी दर्ज कराए गए हैं।



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