आगरा के बरौली अहीर स्थित जयपुरिया सनराइज ग्रींस कॉलोनी निवासी सरकारी शिक्षक कमलेश कुमार ने साइबर ठगों के जाल में फंसकर मुनाफे के लालच में 21.50 लाख रुपये गंवा दिए। उन्होंने साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों को बैंक खातों और मोबाइल नंबर के आधार पर तलाश कर रही है।
पीड़ित कमलेश ने पुलिस को बताया कि फेसबुक पर उनके पास चेन सेलिना नाम की महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। उसने खुद को वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी स्थित स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइजर्स कंपनी की डिप्टी मैनेजर बताया। बातचीत में सोने और क्रिप्टोकरेंसी की ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर कई गुना मुनाफे का लालच दिया। टेलीग्राम लिंक भेजकर ग्रुप में जोड़ा और इसी से बात की।
16 दिसंबर को 50 हजार रुपये यूपीआई से बताए गए खाते में उन्होंने भेजे, जिस पर सीएस 98 नाम के पोर्टल पर उनका खाता बनाया गया था। निवेश के बाद पोर्टल पर अच्छा मुनाफा दिखने लगा। 26 दिसंबर को 1 लाख रुपये , 29 दिसंबर को 10 लाख रुपये, 8 व 10 जनवरी को 3 लाख रुपये, 9 जनवरी को 7 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा कराए। जब उन्होंने मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो पोर्टल पर लोन री-पेमेंट व अन्य चार्ज के नाम पर और रकम मांगी जाने लगी।
इंकार करने पर अकाउंट फ्रीज करने की धमकी देकर संपर्क तोड़ दिया गया। उन्होंने थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए यह रखें ध्यान
– किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले प्रोफाइल जांचें।
– सोशल मीडिया या टेलीग्राम पर निवेश संबंधी प्रस्तावों से सावधान रहें।
– किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग पोर्टल में निवेश से पहले सेबी से वैद्यता जांचें।
– किसी अनजान खाते में रुपये ट्रांसफर न करें। ओटीपी, बैंक डिटेल देने से बचें।
– ठगी होते ही 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें, साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
