फैक्टरी कर्मचारी जितेंद्र की हत्या के आरोप में फैक्टरी मालिक और तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मृत्युंजय श्रीवास्तव ने मृतक की मां की याचिका पर यह आदेश दिया। शव गत 31 अक्तूबर को सिकंदरा थाना क्षेत्र के एक नाले में मिला था।
परिजन के मुताबिक, सिकंदरा के माहेश्वरी एंटरप्राइजेज में जितेंद्र टी-शर्ट और लोअर बनाता था। बाह क्षेत्र के अशोक नगर में रहने वाली मां मीरा देवी ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि फैक्टरी कर्मचारी रामनिवास, गार्ड धर्मा और कपड़ा कटिंग मास्टर रामदास उनके बेटे पर अतिरिक्त काम का दबाव डालते थे। विरोध करने पर फैक्टरी मालिक अंशुल माहेश्वरी से झूठी शिकायतें करते थे। 29 अक्तूबर 2025 की रात रामनिवास ने उनके बड़े बेटे को फोन कर बताया कि जितेंद्र फैक्टरी से बिना बताए चला गया है। फैक्टरी मालिक और कर्मचारियों से पूछने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उन्हें अभद्रता कर भगा दिया गया।
वह बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराने सिकंदरा थाने पहुंचीं, सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने 31 अक्तूबर को बेटे का शव नाले में मिलने की सूचना दी। शव मिलने से पहले फैक्टरी संचालक ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज हटा दिए थे। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने फैक्टरी मालिक, कर्मचारी, गार्ड और कपड़ा कटिंग मास्टर पर हत्या का आरोप लगाया। सीजेएम ने हत्या व अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। उन्होंने थानाध्यक्ष सिकंदरा को विवेचना के निर्देश भी दिए।
