मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सपा की ओर से गलत ढंग से फॉर्म-7 के माध्यम से वोटरों के नाम काटे जाने की शिकायतों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए एक-एक आरोपों की जांच रिपोर्ट मीडिया के सामने रखी।
वे मंगलवार को राजधानी स्थित उप्र प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सपा की ओर से बलिया के सिकन्दरपुर विधानसभा सीट से सपा विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी की पत्नी व 126 वोटरों के नाम काटने की शिकायत पर डीएम व संबंधित ईआरओ से रिपोर्ट मांगी तो यह आरोप गलत पाए गए।
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ऐसे ही भोजीपुर विधानसभा क्षेत्र में सपा के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) अतीक अहमद का भी नाम नहीं काटा गया है। सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र में गोविंद राय के फर्जी दस्तावेज से 16 मतदाताओं के नाम काटे जाने, विधूना में सपा के अध्यक्ष के फर्जी दस्तावेज से सपा के वोटरों के नाम कटवाने, प्रतापगढ़ की बाबागंज विधानसभा सीट पर 65 मतदाताओं के नाम काटे जाने और बस्ती में सैकड़ों की संख्या में वोटरों के नाम काटने की शिकायतें भी फर्जी पाई गईं। बस्ती में सिर्फ इकाई में वोटरों के नाम ही कटे हैं। ऐसे में निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।