विजय के पिता डलई ने बताया कि बेटा खेती-किसानी के साथ टेलीकॉम कंपनी में केबल बिछाने का काम करता था। शुक्रवार दोपहर वह घर से बिना किसी को कुछ बताए ही निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसे काफी तलाशा पर कुछ पता नहीं चल सका।
मोबाइल पर कॉल की गई पर संपर्क नहीं हो सका। रविवार सुबह जीसीआरजी कॉलेज के सामने बनी वेज बिरयानी की दुकान के मालिक माल के निकरोजपुर गांव निवासी सनी बर्तन लेने पहुंचे तो फ्रीजर में विजय का शव पड़ा देखा।
मोबाइल व आधार कार्ड से हुई पहचान
शव मिलने की सूचना पाकर मौके पर डीसीपी नॉर्थ गोपाल चौधरी, एडीसीपी ऋषभ रूणवाल पुलिस टीम के साथ पहुंचे। छानबीन के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। शव के पास मिले मोबाइल व आधार कार्ड की मदद से शव की पहचान की गई और खबर परिजनों को दी गई।
डीसीपी ने बताया कि शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नहीं मिले हैं। विजय के परिवार में पिता के अलावा भाई पवन हैं। आपसी विवाद के चलते विजय की पत्नी तारा छल वर्षीय बेटी के साथ काफी समय से मायके में रह रही हैं।




