जिला जेल में मशक्कत की आड़ में अवैध वसूली का बड़ा खेल चल रहा है। बंदियों से पांच-पांच लाख रुपये तक वसूले जाने के गंभीर आरोप सोमवार को प्रभारी एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने लगाए। आरोपों की झड़ी लगी तो मंत्री ने सबके सामने जेल अधीक्षक को खड़ा कर जवाब तलब किया। अचानक हुए इस जवाब तलब से जेल अधीक्षक के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने सकपकाते हुए अपनी सफाई पेश की।
नवीन सर्किट हाउस में आयोजित मैराथन बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। इस पर जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने आरोपों को निराधार बताए। दलील दी कि जेल में पारदर्शिता के लिए 32 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मशक्कत से 40 लाख रुपये का राजस्व जमा कराया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी बंदी या परिजन ने वसूली की लिखित शिकायत नहीं की है। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। बैठक के समापन पर मंत्री ने नवनिर्माण के 9 वर्ष विकास पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, विधायक रानी पक्षालिका सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
शिवाजी महाराज म्यूजियम को मिले 75 करोड़
पर्यटन मंत्री ने आगरा को बड़ी सौगात देते हुए बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। इसके साथ ही कैला माता मंदिर (इटौरा), सीतल कुंड धाम (अकोला), त्रिमूर्ति जैन मंदिर (एत्मादपुर) और राजेश्वर महादेव मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के कायाकल्प के लिए भी करोड़ों रुपये जारी किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से आगरा की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
