बालिका की हत्या के मामले में पुलिस ने कई बिंदुओं पर पड़ताल की है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। बालिका आखिरी बार जिस दुकान पर गई, उस दुकानदार से पूछा गया। 50 से अधिक घरों की तलाशी ली गई। खोजी कुत्ते को भी बुलाया गया। आरोपी सुनील बहुत चालाक है। उसने हत्या के बाद बचने की तैयारी कर ली थी। कमरे में खून को पानी से धो दिया था। ड्रम भी ले जाता। मगर पुलिस के आने की वजह से सफल नहीं हो सका।
बालिका के परिजन ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर तीन बजे सुनील घर के पास ही घूम रहा था। उसने घटना से कुछ देर पहले ही उनसे चाकू भी मांगा था। बेटी ट्यूशन जाने की तैयारी कर रही थी। वह बहाने से उसके पास आया। उसे 50 रुपये देकर चिप्स और प्लास्टिक के गिलास मंगवाए थे। बेटी गली के बाहर दुकान पर गई थी। वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। चिप्स और गिलास लेकर जाने की पुष्टि दुकानदार ने कर दी।

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बच्ची के घर जुटी भीड़
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आशंका है कि गिलास देने जब गई तो बालिका की हत्या कर दी गई। दो फीट के ड्रम में उसे उल्टा ठूंसकर छिपाया गया। बालिका की मां ने उसे सफाई करते देखा था। पूछने पर कहा कि कमरे में गंदगी अधिक थी। बालिका की चप्पल छत पर पड़ी थी। मां ने समझा कि वह छोड़कर चली गई होगी। वह ऐसा व्यवहार कर रहा था कि कुछ हुआ नहीं है। सामान्य रूप से तलाश का स्वांग करता रहा।

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तांत्रिक बहन की मदद दिलाने का किया वादा
परिजन ने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे बालिका की तलाश होने पर सुनील कमरे से निकल आया। उनके साथ तलाश में लग गया। बाइक पर परिवार के लोगों के साथ पोस्टर चिपकाने जाने की कहने लगा। पुलिस चाैकी पर भी गया। रात में पुलिस ने जब तलाश की तो रात नाै बजे गायब हो गया। बुधवार सुबह सात बजे भी बालिका के ताऊ को कॉल किया। उनसे पूछा कि बेटी मिली या नहीं। उनके मना करने पर कहने लगा कि शाहगंज में उसकी बहन रहती है। वह तांत्रिक है। वह उन्हें उसके पास ले चलेगा। वह बता देंगी कि बेटी कहां पर है। इस पर ताऊ ने उसे बुला लिया। वह जैसे ही घर पहुंचा, पुलिस भी आ गई। यह देखकर वह भाग गया।

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आरोपी की ससुराल टूंडला पहुंची पुलिस
आरोपी सुनील की ससुराल टूंडला में है। उसकी नशेबाजी से पत्नी छोड़कर चली गई है। मां-पिता भी परेशान थे। उसके साथ नहीं रहना चाहते थे। बस्ती के लोग भी उसकी हरकतों से परेशान थे। मगर किसी ने सोचा नहीं था कि वो हत्या कर डालेगा।

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आरोपी के कमरे में किया बेंजिडीन टेस्ट
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि फर्श पर खून के धब्बों की उपस्थिति का पता लगाने के लिए बेंजिडीन टेस्ट किया जाता है। इसमें संदिग्ध स्थान से नमूना लेकर उस पर बेंजिडीन को केमिकल के घोल के साथ निर्धारित स्थान पर डाला जाता है। नीला-हरा रंग आना रक्त की मौजूदगी की पुष्टि करता है। यह परीक्षण हीमोग्लोबिन के ऑक्सीकरण पर आधारित है। अगर नमूने के साथ अन्य कोई कण भी आ जाते हैं तो स्प्रेक्ट्रोफोटोमीटर टेस्ट की आवश्यकता होती है।
