पुलिस की प्राथमिक जांच में अब तक जो बात सामने आई वह यह है कि सोनू गौतम भी गाजीपुर जिले में ही किसी दूसरे गांव का रहना वाला है। बंदना की उससे पढ़ाई के दौरान ही मुलाकात हुई थी। पुरानी पहचान होने के कारण उनकी दोस्ती समय के साथ प्रेम में बदल गई।
पति को दोनों के रिश्ते से एतराज होने पर कुछ दिनों तक बातचीत भी बंद रही लेकिन फिर दोनों में नजदीकियां बढ़ीं। पति द्वारा बनाए गए वीडियो के मुताबिक दोनों में आए दिन फोन और वीडियो कॉल पर लगातार बातचीत होती थी।
एसएसबी में तैनात सफाई कर्मी बंदना के पति अमरीश ठाकुर और दोनों बच्चों का शव पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद रविवार की देर रात अमरीश के भाई अश्वनी कुमार शास्त्री को सुपुर्द कर दिया। रात में ही परिजन तीनों शव को लेकर गाजीपुर चले गए। सोमवार की सुबह शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। गाजीपुर में स्थित उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
एसएसबी की 66वीं वाहिनी के मुख्यालय में बतौर सफाईकर्मी तैनात बंदना निवासी मिर्जापुर थाना सैदपुर जिला गाजीपुर के पति अमरीश ठाकुर ने पारिवारिक कलह में रविवार की सुबह कस्बे के गांधी नगर वार्ड स्थित अपने किराए के कमरे में अपनी बेटी कंचन (4) और बेटे अमरेंद्र (3) की हत्या करने के बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस घटना के समय एसएसबी कर्मी बंदना ड्यूटी पर गई थीं। सूचना पर जब तक वह और पुलिस फोर्स पहुंची तब तक तीनों अपना दम तोड़ चुके थे।




